स्कूल की दोस्त के साथ चुदाई - हिंदी कहानी
"गुरुवार की सुबह थी, और मैं अपनी साइकिल पर स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था। मेरा नाम राहुल है, और मैं कक्षा 12 में पढ़ता हूँ।"
राहुल लंबा और दुबला-पतला था, उसकी त्वचा का रंग गेहुँआ था, और उसके काले बाल हमेशा थोड़े अस्त-व्यस्त लगते थे। उसकी आँखें बड़ी और चमकदार थीं, जो किसी भी बात पर जल्दी ही चमक उठती थीं। वह अपने दोस्तों के बीच मस्तमौला और मददगार इंसान के तौर पर जाना जाता था। स्कूल में उसकी एक खास दोस्त थी, प्रियंका।
प्रियंका उसकी क्लास की सबसे चुलबुली लड़की थी। उसकी लंबाई मध्यम थी, और उसका हल्का सांवला रंग उसकी मुस्कान को और भी खूबसूरत बना देता था। उसकी आँखें बड़ी और बातूनी थीं, जैसे हमेशा कुछ कहना चाहती हों। वह हमेशा राहुल के साथ बैठती थी, और दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि सभी को लगता था कि वे कुछ और ही हैं। लेकिन राहुल और प्रियंका दोनों ही इस बात को हंसकर टाल देते थे।
उस दिन क्लास में प्रियंका ने राहुल की कॉपी माँगी। "तुमने कल का होमवर्क किया है न?" वह मुस्कुराते हुए बोली। राहुल ने अपनी कॉपी उसकी ओर बढ़ाते हुए कहा, "हाँ, लेकिन तुम्हारी तरह पूरा नहीं।" प्रियंका ने उसकी कॉपी पकड़ते हुए उसकी ओर देखा, और फिर धीरे से कहा, "तुम्हारी लिखावट बहुत खराब है।" राहुल हँस पड़ा, "तो तुम सुधार दो।"
प्रियंका ने राहुल की कॉपी को अपनी ओर खींचते हुए एक झलक देखी और फिर उसकी आँखों में देखकर मुस्कुरा दी। "तुम्हारी लिखावट तो ठीक है, लेकिन तुमने यहाँ गलत फॉर्मूला लगा दिया है," उसने अपनी उंगली से एक लाइन दिखाते हुए कहा। राहुल ने झुककर देखा, और उसके बाल प्रियंका के गालों को छू गए। दोनों एकदम चुप हो गए। प्रियंका ने धीरे से अपना सिर हटाया, लेकिन उसकी मुस्कान गायब नहीं हुई।
राहुल, एक गेहुँआ रंग का लंबा और दुबला-पतला लड़का, अपने स्कूल के दिन के बारे में बताता है। वह अपनी खास दोस्त प्रियंका के साथ क्लास में बैठता है, जो मध्यम लंबाई की सांवली और चुलबुली लड़की है। उस दिन प्रियंका राहुल की कॉपी माँगती है और उसकी गलती को सुधारते समय दोनों के बीच एक नाजुक पल बनता है जब राहुल के बाल उसके गालों को छू जाते हैं।
क्लास खत्म होते ही राहुल ने प्रियंका से पूछा, "आज लाइब्रेरी चलोगी? मुझे कुछ किताबें लेनी हैं।" प्रियंका ने सिर हिलाकर हाँ कर दी। लाइब्रेरी में शांति थी, और दोनों एक कोने में बैठ गए। राहुल ने एक किताब निकाली और प्रियंका के सामने रख दी। "यह देखो, तुम्हारे लिए," उसने कहा। प्रियंका ने किताब को उठाया—यह एक कविताओं की किताब थी। "तुम्हें याद है मैंने कल कविताएँ पढ़ने की बात की थी?" उसने आश्चर्य से पूछा। राहुल ने मुस्कुराकर कहा, "हाँ, इसलिए तो लाया हूँ।"
शाम को स्कूल से निकलते समय बारिश शुरू हो गई। राहुल के पास छाता नहीं था, लेकिन प्रियंका ने अपना छाता खोलकर कहा, "चलो, साथ चलते हैं।" दोनों एक छाते के नीचे चलने लगे, और राहुल ने धीरे से प्रियंका का हाथ पकड़ लिया। प्रियंका ने उसकी ओर देखा, लेकिन हाथ छुड़ाया नहीं। बारिश की बूंदों की आवाज के बीच दोनों का दिल तेजी से धड़क रहा था।
अगले दिन स्कूल में प्रियंका ने राहुल को एक नोट दिया। राहुल ने नोट खोला—उसमें लिखा था, "कल शाम बहुत अच्छा लगा।" राहुल ने नोट को अपनी जेब में रख लिया और प्रियंका की ओर देखकर मुस्कुरा दिया। क्लास के बाद प्रियंका ने कहा, "मेरे घर आओगे? मेरे माता-पिता घर पर नहीं हैं।" राहुल ने हाँ कह दी, और दोनों साइकिल पर प्रियंका के घर की ओर चल पड़े।
राहुल और प्रियंका लाइब्रेरी में समय बिताते हैं, जहाँ वह उसके लिए कविताओं की किताब लाता है। बारिश में वे एक छाते के नीचे साथ चलते हैं और राहुल उसका हाथ पकड़ लेता है। अगले दिन प्रियंका उसे एक नोट देती है और अपने घर आने का निमंत्रण देती है, क्योंकि उसके माता-पिता घर पर नहीं हैं।
प्रियंका का घर एक छोटे से बगीचे वाले मकान में था। उसने दरवाजा खोला और अंदर जाने का इशारा किया। राहुल ने पहली बार उसके घर के अंदर कदम रखा। कमरा साफ-सुथरा था, और एक कोने में एक छोटा सा इलेक्ट्रिक पियानो रखा हुआ था। प्रियंका ने पियानो की ओर इशारा करते हुए कहा, "मैं कभी-कभी बजाती हूँ।" राहुल ने पूछा, "आज बजाओगी?" प्रियंका ने हँसते हुए सिर हिलाया और पियानो के पास बैठ गई। उसकी उंगलियाँ चाबियों पर नाचने लगीं, और कमरा संगीत से भर गया।
राहुल उसके पास बैठ गया और उसकी ओर देखने लगा। प्रियंका के चेहरे पर एकाग्रता थी, और उसकी आँखें संगीत में डूबी हुई लग रही थीं। जब उसने पियानो बजाना बंद किया, तो राहुल ने कहा, "बहुत सुंदर।" प्रियंका ने मुस्कुराकर कहा, "धन्यवाद।" फिर अचानक उसने राहुल की ओर देखा और धीरे से पूछा, "तुम्हें पसंद आया?" राहुल ने सिर हिलाया, और प्रियंका ने उसके करीब आकर उसके हाथ को छू लिया।
दोनों के बीच एक पल के लिए सन्नाटा छा गया। फिर प्रियंका ने धीरे से कहा, "मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहती हूँ।" वह उठकर अपने कमरे की ओर चल दी। राहुल उसके पीछे-पीछे चला गया। प्रियंका ने अपने बिस्तर के पास एक छोटी सी डायरी निकाली और उसमें से एक तस्वीर दिखाई। "यह मैंने तुम्हारी बनाई थी," उसने कहा। तस्वीर में राहुल की एक स्केच थी, जो उसने क्लास में बैठे हुए बनाई थी। राहुल ने तस्वीर को देखा और मुस्कुरा दिया। "तुम्हारी ड्राइंग भी अच्छी है," उसने कहा।
प्रियंका राहुल को अपने घर ले जाती है, जहाँ वह उसे पियानो बजाते हुए दिखाती है। राहुल उसकी प्रशंसा करता है और वे करीब आते हैं। फिर प्रियंका उसे अपने कमरे में ले जाकर एक स्केच दिखाती है जो उसने राहुल की बनाई थी, जिससे उनके बीच का रिश्ता और गहरा होता है।
फिर अचानक प्रियंका ने राहुल के करीब आकर उसके होंठों को चूम लिया। राहुल ने पल भर के लिए स्तब्ध रह गया, लेकिन फिर उसने भी प्रियंका को वापस चूम लिया। दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए, और कमरे में बस उनकी सांसों की आवाज़ सुनाई दे रही थी। प्रियंका ने धीरे से कहा, "मैं तुमसे प्यार करती हूँ।" राहुल ने उसकी ओर देखा और मुस्कुराकर कहा, "मैं भी।" फिर दोनों ने एक-दूसरे को गले लगा लिया।
प्रियंका ने राहुल का हाथ पकड़कर उसे अपने बिस्तर पर बैठा दिया। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे वह कुछ कहना चाहती हो लेकिन शब्द नहीं मिल रहे हों। राहुल ने उसके गालों को छूते हुए पूछा, "तुम ठीक हो?" प्रियंका ने सिर हिलाया और फिर धीरे से कहा, "हाँ, बस... मैं तुम्हारे साथ और करीब होना चाहती हूँ।" राहुल ने उसके शब्दों को समझते हुए उसकी ओर देखा और फिर धीरे से उसके होंठों को चूम लिया।
कमरे में धीमी रोशनी थी, और बाहर बारिश की हल्की आवाज़ सुनाई दे रही थी। प्रियंका ने अपनी साड़ी के पल्लू को थोड़ा खिसकाते हुए राहुल को अपने शरीर के करीब खींच लिया। राहुल ने उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके कंधों को छुआ। प्रियंका ने एक गहरी सांस ली और फिर अपने कपड़ों को ढीला करने लगी। राहुल ने भी अपनी शर्ट उतार दी, और दोनों एक-दूसरे को निहारने लगे। प्रियंका का शरीर हल्का सांवला था, और उसकी त्वचा पर बारिश की ठंडक के कारण छोटी-छोटी रूहें खड़ी थीं।
राहुल ने धीरे से प्रियंका को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके शरीर को छूना शुरू कर दिया। प्रियंका ने अपनी आँखें बंद कर लीं और उसके स्पर्श का आनंद लेने लगी। राहुल ने उसकी छाती को चूमते हुए नीचे की ओर बढ़ना शुरू किया, और प्रियंका ने एक हल्की सी कराह निकाली। फिर अचानक उसने राहुल का हाथ पकड़ लिया और कहा, "रुको... पहली बार है मेरे लिए।" राहुल ने उसकी ओर देखा और मुस्कुराकर कहा, "मैं धीरे-धीरे करूँगा।"
दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह से छोड़ दिया, और प्रियंका ने राहुल को अपने ऊपर ले जाने दिया। राहुल ने धीरे से उसके शरीर में प्रवेश किया, और प्रियंका ने एक तेज सांस ली। उसकी आँखों में दर्द के साथ-साथ एक अजीब सी खुशी थी। राहुल ने उसके चेहरे को देखते हुए धीरे-धीरे हिलना शुरू किया, और प्रियंका ने उसके कंधों को पकड़ लिया। कमरे में बस उनकी सांसों और बारिश की आवाज़ सुनाई दे रही थी।
प्रियंका ने धीरे से अपनी आँखें बंद कर लीं और राहुल के स्पर्श का आनंद लेने लगी। उसका शरीर धीरे-धीरे राहुल के साथ तालमेल बिठाने लगा, और दोनों की गति बढ़ने लगी। राहुल ने उसके कानों के पास फुसफुसाते हुए कहा, "तुम बहुत सुंदर हो।" प्रियंका ने मुस्कुराते हुए उसकी ओर देखा और उसके होंठों को चूम लिया।
कुछ देर बाद राहुल ने प्रियंका को पलटकर उसके ऊपर आ गया। प्रियंका ने उसकी ओर देखते हुए अपने बालों को पीछे सरका दिया और राहुल को अपने करीब खींच लिया। दोनों ने एक-दूसरे को इतना करीब से महसूस किया जितना पहले कभी नहीं किया था। प्रियंका ने अपनी उंगलियों से राहुल की पीठ पर हल्के-हल्के निशान बनाए, और राहुल ने उसके शरीर को और भी जोर से अपने पास खींच लिया।
फिर अचानक प्रियंका ने एक तेज कराह निकाली, और उसका शरीर कांपने लगा। राहुल ने उसकी ओर देखा और समझ गया कि वह चरम पर पहुँच गई है। वह भी कुछ सेकंड बाद उसके साथ ही चरम पर पहुँच गया। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर गले लगा लिया, और कमरे में बस उनकी तेज सांसों की आवाज़ सुनाई दे रही थी।
कुछ देर बाद प्रियंका ने अपनी आँखें खोलीं और राहुल की ओर देखा। उसकी आँखों में एक नई चमक थी, जैसे कुछ बदल गया हो। उसने धीरे से कहा, "मुझे नहीं पता था कि ऐसा लगता है..." राहुल ने मुस्कुराते हुए उसके माथे को चूमा और कहा, "मैं भी नहीं जानता था।"
दोनों थोड़ी देर तक चुपचाप लेटे रहे, फिर प्रियंका ने राहुल का हाथ पकड़ा और कहा, "बाथरूम चलो... हमें साफ करना चाहिए।" राहुल ने सिर हिलाया और दोनों बाथरूम की ओर चल पड़े। बाथरूम में प्रियंका ने नल खोला और गुनगुना पानी भरने लगी। राहुल ने उसे देखते हुए कहा, "तुम सच में खूबसूरत हो।" प्रियंका ने उसकी ओर मुस्कुराते हुए देखा और कहा, "और तुम बहुत प्यारे हो।"
पानी से साफ करते हुए दोनों ने एक-दूसरे के शरीर को फिर से छूना शुरू किया, जैसे वे इस नई खोज से मोहित हो गए हों। प्रियंका ने राहुल के कंधों पर अपनी उंगलियाँ फिराईं और कहा, "तुम्हारी त्वचा बहुत नर्म है।" राहुल ने हँसते हुए कहा, "और तुम्हारी बहुत मुलायम।"
बाथरूम से निकलकर दोनों वापस बेडरूम में आए। प्रियंका ने एक तौलिया उठाया और धीरे से राहुल के गीले बालों को सुखाने लगी। उसकी उंगलियाँ उसकी खोपड़ी पर हल्के से चल रही थीं, और राहुल ने आँखें बंद कर लीं—उसे ऐसा लगा जैसे कोई उसके सिर से सारी थकान निचोड़ रहा हो। प्रियंका ने मुस्कुराते हुए कहा, "तुम्हारे बाल तो बिल्कुल जंगली जानवर जैसे हैं," और राहुल ने आँखें खोलकर उसकी ओर देखा, "लेकिन तुम्हें पसंद हैं न?" प्रियंका ने उसके गाल पर एक चुटकी काटी, "हाँ, मुझे पसंद हैं।"
कमरे में शाम की धुंधली रोशनी छिटकी हुई थी, और बारिश अब हल्की हो चुकी थी। प्रियंका ने अलमारी से दो सूती कुर्ते निकाले—एक नीला और एक गुलाबी। उसने गुलाबी वाला खुद पहन लिया और नीला राहुल की ओर बढ़ा दिया। "मेरे पापा का है, तुम्हें फिट आ जाएगा," उसने कहा। राहुल ने कुर्ता पहनते हुए उसकी ओर देखा—प्रियंका का नंगे पैरों वाला सिल्हूट, उसके कंधों से सरकते हुए गीले बाल, और कुर्ते के नीचे से झांकता उसका घुटना... वह सब कुछ इतना अपनापन लग रहा था जैसे यही उनका दैनिक रिवाज हो।
प्रियंका ने रसोई की ओर इशारा किया, "चलो, कुछ खा लेते हैं। मैंने कल ही गुलाब जामुन बनाए थे।" राहुल की आँखें चमक उठीं, "तुम्हें गुलाब जामुन बनाने आते हैं?" प्रियंका ने हँसते हुए उसकी बाँह पकड़ी, "बहुत कुछ ऐसा है जो तुम नहीं जानते मेरे बारे में।" रसोई में जाकर उसने फ्रिज से मिठाई निकाली और दो प्लेटों में सजा दी। राहुल ने एक टुकड़ा उठाया और प्रियंका के मुँह की ओर बढ़ा दिया। प्रियंका ने उसकी उंगलियों से टुकड़ा लेते हुए हल्का सा चूसा, और राहुल का दिल फिर धक से हो गया।
खाने के बाद दोनों लिविंग रूम की सोफे पर बैठ गए। प्रियंका ने टीवी ऑन किया, लेकिन कोई भी चैनल देख नहीं रहा था। वह राहुल के कंधे पर सिर रखकर बैठ गई, और राहुल ने उसके बालों में उंगलियाँ फिरानी शुरू कर दीं। "तुम्हारे घर में अक्सर अकेले रहती हो?" राहुल ने धीरे से पूछा। प्रियंका ने आँखें बंद करते हुए कहा, "हाँ, पापा टूर पर रहते हैं और मम्मी अपने मायके गई हुई हैं।" उसकी आवाज़ में एक अजीब सी खालीपन था जिसे राहुल ने तुरंत भाँप लिया।
उसने प्रियंका को थोड़ा और करीब खींच लिया। "अब तुम अकेली नहीं हो," उसने कहा, और प्रियंका ने उसकी ओर देखकर मुस्कुरा दी। फिर अचानक उसने राहुल की गर्दन पकड़कर उसे चूम लिया। इस बार चुंबन धीमा और गहरा था, जैसे वह हर पल को महसूस करना चाहती हो। राहुल ने उसे सोफे पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया। प्रियंका की आँखों में वही चमक वापस आ गई थी जो पहली बार के दौरान दिखी थी।
प्रियंका ने अपनी उंगलियों से राहुल के कुर्ते के बटन खोलने शुरू किए। "इसे उतारो," उसने फुसफुसाया। राहुल ने कुर्ता उतारकर फर्श पर फेंक दिया और प्रियंका के गुलाबी कुर्ते के नीचे से उसकी त्वचा को छूने लगा। प्रियंका ने एक लंबी सांस ली और उसकी बाँहों में खो सी गई। टीवी की आवाज़ बैकग्राउंड में बज रही थी, लेकिन दोनों को उसकी कोई परवाह नहीं थी।
राहुल ने धीरे से प्रियंका को सोफे से उठाकर बेडरूम की ओर चल दिया। प्रियंका ने उसके कंधों पर हाथ रखे हुए थे, और उसके पैरों के निशान गीले थे क्योंकि वह अभी भी नंगे पैर ही थी। बेडरूम में पहुँचकर प्रियंका ने राहुल को धक्का देकर बिस्तर पर लिटा दिया और खुद उसके ऊपर चढ़ गई। "इस बार मैं ऊपर रहूँगी," उसने कहा, और राहुल ने मुस्कुराकर सिर हिला दिया।
प्रियंका ने धीरे-धीरे अपने कुर्ते के बटन खोले और उसे उतार दिया। राहुल ने उसके शरीर को निहारा—वह पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वासी लग रही थी। उसने राहुल के हाथ पकड़कर उन्हें अपने कमर पर रखा और धीरे से आगे बढ़ी। दोनों के बीच इस बार कोई हिचकिचाहट नहीं थी, बस एक गहरा तालमेल था जो हर पल के साथ और मजबूत होता जा रहा था।
राहुल ने प्रियंका की कमर को सहारा देते हुए उसे अपने ऊपर बैठाया। प्रियंका की आँखें बंद थीं, और उसके होंठों पर एक हल्की सी मुस्कान थी। उसने धीरे-धीरे हिलना शुरू किया, और राहुल ने उसके स्तनों को छूते हुए उसके साथ तालमेल बिठाया। कमरे में उनकी सांसों की आवाज़ और बिस्तर के हल्के से चरमराने की आवाज़ के अलावा कोई और आवाज़ नहीं थी।
प्रियंका ने अपनी गति बढ़ाई, और राहुल ने उसकी ओर देखते हुए उसके होंठों को चूम लिया। दोनों का शरीर एक दूसरे के साथ पूरी तरह से घुलमिल गया था। प्रियंका ने अचानक अपनी आँखें खोलीं और राहुल की ओर देखा—उसकी आँखों में एक तीव्र इच्छा थी जिसे वह छुपा नहीं पा रही थी। उसने राहुल के कंधों को थाम लिया और अपनी गति को और तेज कर दिया।
राहुल ने उसकी ओर देखते हुए फुसफुसाया, "तुम... बहुत खूबसूरत हो।" प्रियंका ने उसकी बात का जवाब नहीं दिया, बस उसकी ओर देखती रही, जैसे वह उसकी हर भावना को पढ़ना चाहती हो। फिर अचानक उसका शरीर कांपने लगा, और उसने एक गहरी सांस ली। राहुल ने उसे कसकर पकड़ लिया, और कुछ ही पलों बाद वह भी उसके साथ चरम पर पहुँच गया।
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